एक्ट्रेस ने चार ट्वीट कर मूवी माफिया को घेरा, तीन सवाल उठाते हुए लिखा- खुदकुशी के लिए उकसाना भी हत्या होता है

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एक घंटा पहले

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14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनोट ने ही पहली बार नेपोटिज्म और मूवी माफिया को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

  • कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा- कोई युवा और असाधारण व्यक्ति एक दिन जागकर ऐसे ही खुदकुशी नहीं कर लेता
  • एम्स की फाइनल रिपोर्ट में सुशांत के मामले में हत्या की आशंका से इनकार किया है, यह आत्महत्या का मामला है

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में एम्स की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद कंगना रनोट ने एक बार फिर मूवी माफिया का राग छेड़ा है। एक्ट्रेस ने चार ट्वीट कर कई सवाल उठाए हैं और कहा है कि खुदकुशी के उकसाना भी हत्या होता है। सुशांत की मौत के बाद से कंगना उनकी खुदकुशी के लिए इंडस्ट्री में फैले नेपोटिज्म और मूवी माफिया को जिम्मेदार ठहराती रही हैं। हालांकि, पटना में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ शिकायत होने के बाद उनके द्वारा उठाया गया मुद्दा साइडलाइन हो गया था।

एम्स की रिपोर्ट आने के बाद कंगना के चार ट्वीट

एक्ट्रेस ने पहले ट्वीट में लिखा, “यंग और एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी व्यक्ति एक दिन ऐसे ही जागकर खुद को खत्म नहीं कर लेता। सुशांत ने कहा था कि उन्हें परेशान किया जा रहा था। वे अपनी जिंदगी के लिए डरे हुए थे। उन्होंने कहा था कि मूवी माफिया ने उन्हें बैन कर दिया और उन्हें परेशान कर रहे हैं। झूठे रेप के आरोप लगाए जाने के बाद वे मानसिक रूप से प्रभावित हुए थे।”

कंगना ने दूसरे ट्वीट में लिखा है, “ताजा प्रोग्रेस के बाद हमें कुछ सवालों के जवाब जानने की जरूरत है। 1) एसएसआर ने बार-बार बड़े प्रोडक्शन हाउस द्वारा प्रतिबंध लगाने की बात कही। ये कौन लोग हैं, जिन्होंने उसके खिलाफ साजिश रची? 2) मीडिया ने उनके बलात्कारी होने की झूठी खबर क्यों फैलाई? 3) महेश भट्ट अपना साइकोएनालिसिस क्यों कर रहे थे?

कंगना का तीसरा ट्वीट है, “उन्होंने खुलकर यशराज फिल्म्स के साथ अपने पतन के बारे में बात की थी। यह सब जानते हैं कि उन्हें कई बड़े प्रोडक्शन हाउस द्वारा बैन कर दिया गया था। उनकी कई फिल्मों को डंप किया गया, जो कि स्पष्ट साजिश की तरह लगता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से भीख मांगी थी और बताया कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से बाहर निकाला जा रहा है।”

कंगना ने चौथे ट्वीट में लिखा, “उनकी मौत से पहले उनके परिवार ने शिकायत की थी कि उनकी जिंदगी को खतरा है। वे जीना चाहते थे। लेकिन फिल्में छोड़ना चाहते थे। वे कुर्ग में सेटल होना चाहते थे। फिर उन्हें किसने ब्लैकमेल किया? किसने उन्हें इस तरह कॉर्नर किया कि उन्हें जीने से ज्यादा मरना आसान लगा? नैतिक और कानूनी रूप से आत्महत्या के लिए उकसाना हत्या है।”



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