एचपीयू में एंट्रेंस नहीं मेरिट पर एडमिशन देने पर सवाल, छठे सेमेस्टर का रिजल्ट निकला नहीं; ताे कैसे देंगे छात्रों को दाखिले

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शिमला4 घंटे पहले

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फाइल फोटो

  • नियमाें में प्रवेश परीक्षा जरूरी, बीएड के लिए एंट्रेंस, बाकी विषयाें के लिए नहीं

हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी की ओर से मेरिट के आधार पर पीजी कक्षाओं में प्रवेश काे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। एचपीयू ने अभी तक अंडर ग्रेजुएट के छठे सेमेस्टर के रिजल्ट नहीं निकाले हैं। ऐसे में कैसे मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी, इस पर भी सवाल उठे हैं। वहीं, अगर मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है ताे कई छात्र ऐसे हैं, जिनके ग्रेजुएशन में कम अंक हैं।

उन्हें पाेस्ट ग्रेजुएट के अलग अलग विषयाें में प्रवेश नहीं मिलेगा। छात्र संगठनाें का सवाल है कि अगर प्रतियाेगी परीक्षाएं करवाई जा सकती हैं, यूजी और अन्य एंट्रेंस टेस्ट करवाए जा सकते हैं ताे पीजी में एंट्रेंस करवाने के लिए प्रशासन क्याें पीछे हट रहा है। वहीं, एचपीयू के डीन ऑफ स्टडीज प्राे.अरविंद कालिया का कहना है कि यूजीसी के गाइडलाइन के मुताबिक 30 अक्टूबर तक सभी प्रवेश गतिविधियां पूरी करनी है। ऐसे में इस माहाैल में एंट्रेंस टेस्ट नहीं करवाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि छात्राें काे प्रवेश मेरिट पर ही दिया जाएगा।

एचपी यूनिवर्सिटी में पहले प्राेफेशनल काेर्सेस में ही हाेते थे एंट्रेंसः एचपी यूनिवर्सिटी ने प्रोफेशनल कोर्सेस में एडमिशन के लिए पहले से ही प्रवेश परीक्षा का प्रावधान किया हुआ था। छात्रों को परीक्षा देने के बाद मेरिट में आना होता है। तय सीटों के आधार पर मेरिट में रहने वाले छात्रों को प्रवेश मिलता है। इस नियम काे अभी भी लागू किया गया है। जबकि एमए के विषयों में सिर्फ ग्रेजुएशन आधार पर लिए गए अंकों पर काउंसिलिंग होती थी।

विभाग अपने स्तर पर छात्रों को काउंसिलिंग पर बुुलाता था और फिर अंकों के हिसाब से मेरिट तैयार की जाती थी। वर्ष 2016 में इस नियम काे बदल दिया गया। सभी विषयाें के लिए एंट्रेस टेस्ट के नियम लागू कर दिए गए। ग्रेजुएशन में लिए गए अंकों का महत्व समाप्त कर दिया गया। जबकि इस बार फिर से पुराने नियम ही लागू किए गए हैं।

इसलिए एंट्रेंस टेस्ट के नियम काे लागू किया था :

विवि प्रशासन ने खुद कहा था कि कॉलेज स्तर पर रूसा सिस्टम को लागू किया गया है। इस सिस्टम के तहत निकलने वाले बैच काे रूसा के तहत सीजीपीए आधार पर अर्थात ग्रेड सिस्टम मेंं नंबर मिलेंगे। जिस कारण पीजी में मेरिट बनाना मुश्किल है। किसी छात्र को ए ग्रेड मिला है, या फिर एस प्लस मिला है। इनकी संख्या काफी अधिक होगी। इसलिए एंट्रेंस टेस्ट करवाने पर सहमति बनी। अब फिर से मेरिट अाधार पर ही प्रवेश दिया जा रहा है।

एसएफआई बाेली, सिर्फ 17 हजार ने देनी है प्रवेश परीक्षाः

छात्र संगठन एसएफआई का कहना है कि हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी ने पाेस्ट ग्रेजुएट के करीब 40 हजार छात्राें की परीक्षाएं ताे करवा दी, लेकिन 17 हजार छात्राें की एंट्रेंस टेस्ट के लिए इनकार कर दिया है। एसएफआई ने कक्षाओं में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा को दरकिनार कर सिर्फ मेरिट के आधार पर दाखिला लेने के फैसले का विरोध किया है।

कैंपस अध्यक्ष रविंद्र चंदेल का कहना है कि प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए हर वर्ष प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाई जाती थी, लेकिन इस बार विवि प्रशासन प्रवेश परीक्षा नहीं करवा रहा है। इस बार केवल 17 हजार छात्रों ने ही पीजी डिग्री में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। अगर प्रशासन मेरिट पर प्रवेश देता है ताे कई छात्राें काे प्रवेश नहीं मिल पाएगा


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