श्वत मामले में पकड़े शिक्षक निरीक्षण के लिए किए प्रतिबंधित

एनसीटीई ने किया स्पष्ट: रिश्वत मामले में पकड़े शिक्षक निरीक्षण के लिए किए प्रतिबंधित

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विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 19 Jan 2022 12:19 PM IST

सार

जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) नई दिल्ली के इंस्पेक्शन डिविजन के डिप्टी सेक्रेटरी ने एक नोटिस जारी कर इन चारों शिक्षकों को आगामी आदेशों तक किसी भी निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। 

श्वत मामले में पकड़े शिक्षक निरीक्षण के लिए किए प्रतिबंधित
– फोटो : संवाद

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शिक्षण संस्थानों की अच्छी छवि दिखाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी एनसीटीई के अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे देश के विभिन्न कालेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक हैं। इन्हें हिमानिरीक्षण का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन अब इन चारों आरोपियों पर मामला दर्ज होने पर एनसीटीई ने इन्हें आगामी आदेशों तक किसी भी निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) नई दिल्ली के इंस्पेक्शन डिविजन के डिप्टी सेक्रेटरी ने एक नोटिस जारी कर इन चारों शिक्षकों को आगामी आदेशों तक किसी भी निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। एनसीटीई की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में आठ कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए दो टीमों को नियुक्त किया गया था, जिनमें दो-दो सदस्य शामिल किए गए थे।

यह सदस्य एनसीटीई के अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे देश भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित संकायों को पढ़ा रहे हैं और निरीक्षण टीमों के पूल का हिस्सा थे, जिन्हें समय-समय पर शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण करने का कार्य सौंपा जाता था। जारी नोटिस में एनसीटीई कहा है कि निरीक्षण टीम के सदस्यों को इस विश्वास के साथ कार्य सौंपा गया था कि वे हिमाचल के आठ संस्थानों का निरीक्षण स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यात्मक तरीके से करेंगे। लेकिन चारों सदस्यों ने एनसीटीई के विश्वास को तोड़ा है। इसके चलते इन चारों सदस्यों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेशों तक आगे कोई भी निरीक्षण करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इधर, शिक्षण संस्थानों की अच्छी छवि दिखाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी शिक्षकों के निरीक्षण के शेड्यूल को एनसीटीई से मांगा जाएगा। इसके लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो धर्मशाला जल्द ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखेगी। इसके अलावा उनके बैंक खातों की जांच भी विजिलेंस विभाग करेगा। 

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो धर्मशाला के एएसपी बलबीर जसवाल ने बताया कि रिश्वत के आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय ने उन्हें 20 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है।

विस्तार

शिक्षण संस्थानों की अच्छी छवि दिखाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी एनसीटीई के अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे देश के विभिन्न कालेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक हैं। इन्हें हिमानिरीक्षण का जिम्मा सौंपा गया था। लेकिन अब इन चारों आरोपियों पर मामला दर्ज होने पर एनसीटीई ने इन्हें आगामी आदेशों तक किसी भी निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) नई दिल्ली के इंस्पेक्शन डिविजन के डिप्टी सेक्रेटरी ने एक नोटिस जारी कर इन चारों शिक्षकों को आगामी आदेशों तक किसी भी निरीक्षण के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। एनसीटीई की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश में आठ कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए दो टीमों को नियुक्त किया गया था, जिनमें दो-दो सदस्य शामिल किए गए थे।

यह सदस्य एनसीटीई के अधिकारी नहीं हैं, बल्कि वे देश भर के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित संकायों को पढ़ा रहे हैं और निरीक्षण टीमों के पूल का हिस्सा थे, जिन्हें समय-समय पर शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण करने का कार्य सौंपा जाता था। जारी नोटिस में एनसीटीई कहा है कि निरीक्षण टीम के सदस्यों को इस विश्वास के साथ कार्य सौंपा गया था कि वे हिमाचल के आठ संस्थानों का निरीक्षण स्वतंत्र, निष्पक्ष और तथ्यात्मक तरीके से करेंगे। लेकिन चारों सदस्यों ने एनसीटीई के विश्वास को तोड़ा है। इसके चलते इन चारों सदस्यों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेशों तक आगे कोई भी निरीक्षण करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इधर, शिक्षण संस्थानों की अच्छी छवि दिखाने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी शिक्षकों के निरीक्षण के शेड्यूल को एनसीटीई से मांगा जाएगा। इसके लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो धर्मशाला जल्द ही राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद को पत्र लिखेगी। इसके अलावा उनके बैंक खातों की जांच भी विजिलेंस विभाग करेगा। 

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो धर्मशाला के एएसपी बलबीर जसवाल ने बताया कि रिश्वत के आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय ने उन्हें 20 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है।



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