ओमान के धवन हैं जतिंदर: कारपेंटर पिता के साथ रहने के लिए ओमान आए थे जतिंदर, लुधियाना में गली क्रिकेट खेलते हुए कैसे बने स्टार क्रिकेटर?

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9 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर

टी20 वर्ल्ड कप में क्वालिफाई मैच खेलने वाले ओमान टीम के स्टार खिलाड़ी जतिंदर लुधियाना के रहने वाले हैं। जतिंदर ने अब तक खेले दोनों मैच में ओमान के टॉप स्कोरर रहे हैं। उन्होंने पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ मैच में 42 गेंदों पर 73 रन और बांग्लादेश के खिलाफ 33 गेंदों पर 40 रन बनाए। जतिंदर का जन्म तो पंजाब के लुधियाना में हुआ था, लेकिन 15 साल की उम्र में वे परिवार के साथ ओमान जा बसे।

जतिंदर के खेलने की स्टाइल ऐसी है जिससे लोग उनकी तुलना शिखर धवन से करते हैं। दैनिक भास्कर ने उनसे बात की और जाना कि उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत कैसे हुई, क्या उन्हें भारतीय टीम के लिए न खेल पाने का मलाल है और क्या भारत-पाकिस्तान के मैच के लिए वे भी उतने ही उत्सुक रहते हैं, जितने इन दोनों मुल्कों के लोग रहते हैं। पढ़िए उनसे बातचीत के अहम अंश…

सवाल: आपका क्रिकेट करियर कैसे शुरू हुआ? ओमान कैसे गए और वहां क्रिकेट से कैसे जुड़े?
जतिंदर: हमारी फैमिली में कोई भी स्पोर्ट्स बैकग्राउंड से नहीं था। इसलिए मेरे लिए बड़ा चैलेंज था क्रिकेट को करियर में तब्दील करने का। 2003 में मेरे पूरे परिवार ने भारत से ओमान माइग्रेट किया। मेरे पिता 1975 से मस्कट में नौकरी कर रहे थे। वे रॉयल ओमान पुलिस में कारपेंटर हैं। जब हम ओमान पहुंचे तो मुझे क्रिकेट को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने लुधियाना में सिर्फ मोहल्ले में भाइयों और दोस्तों के साथ क्रिकेट खेला था। ओमान आकर स्कूल भी मिड-टर्म में जॉइन किया तो स्कूल टीम में सिलेक्शन नहीं हुआ। अगले साल इंटर-हाउस मैच के लिए ट्राई किया तो सिलेक्ट हो गया। वहीं से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया।

सवाल: आप कभी क्रिकेट एकेडमी गए या कोई कोच रहा?
जतिंदर: मैं कभी क्रिकेट एकेडमी से नहीं जुड़ा और न ही कभी मेरा कोई कोच रहा। ओमान आकर मैंने स्कूल टीम में खेलना शुरू किया, उसके बाद एक साल अंडर 15 टीम के लिए खेला। फिर अंडर 19 टीम में आया, 2007 में मुझे अंडर 19 टीम में ओमान से खेलने का मौका मिला। मैं टीम में विकेटकीपर और बैट्समैन था। उसके बाद 2011 में मेन टीम का हिस्सा बना। तभी से मैं नेशनल टीम के लिए खेल रहा हूं।

सवाल: क्रिकेटर बनने के लिए फैमिली ने कितना सपोर्ट किया?
जतिंदर– फैमिली के साथ स्ट्रगल ऐसा था कि पेरेंट्स को भरोसा नहीं था कि मैं स्पोर्ट्स में अपना नाम बना पाऊंगा। उनका बस इतना ही कहना था कि अच्छे से पढ़ाई करो, अच्छे नंबर लेकर आओ ताकि तुम एक बेहतर जिंदगी जी सको। मैं पढ़ाई में बहुत अच्छा नहीं था। मुझे स्पोर्ट्स में ही इंटरेस्ट था। मैं सभी स्पोर्ट्स खेलता था। फुटबॉल ले लीजिए, स्कूल के लिए मैंने जोनल लेवल तक वॉलीबॉल खेला है, शॉटपुट भी खेला है। ये सारे स्पोर्ट्स मैं क्रिकेट के अलावा खेलता था, खुद को फिट रखने के लिए।

जतिंदर सिंह अपने परिवार के साथ।

जतिंदर सिंह अपने परिवार के साथ।

सवाल: ओमान की टीम में भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं, तो कभी आप लोग भारत-पाकिस्तान के मैच के बारे में चर्चा करते हैं?
जतिंदर: जी, ओमान की टीम में 5 खिलाड़ी हिंदुस्तान से, 1 ओमान से और बाकी पाकिस्तान से हैं। ऐसे में हम सभी प्लेयर्स इंडिया-पाकिस्तान का मैच देखते हैं और बात करते हैं, लेकिन हमारा डिस्कशन काफी हेल्दी रहता है। हम खिलाड़यों के स्किल्स के बारे में बात करते हैं कि किसके स्किल्स बेहतर हैं, किसका गेम-प्लान अच्छा है और कौन सा खिलाड़ी प्रेशर में भी अच्छा खेलता है। मेरे ऑल-टाइम फेवरेट प्लेयर विराट कोहली हैं, तो मेरा फोकस उन पर ही रहता है। अभी 24 अक्टूबर को होने वाला मैच हम सभी टीम मेंबर्स साथ में देखने वाले हैं।

सवाल: भारत और पाक मैच में किसको जीतते देखना चाहते हैं?

जतिंदर: मैं भारतीय टीम का फैन हूं। मैं दुआ करूंगा कि भारतीय टीम मैच जीते। मेरे आदर्श खिलाड़ी विराट, राेहित का बल्ला जमकर चले।

सवाल: आपके फेवरेट विराट कोहली हैं, लेकिन आपका स्टाइल शिखर धवन जैसा है। थाइज पर हाथ मारकर सेलिब्रेट करने का स्टाइल क्या आपने शिखर को देखकर अपनाया?
जतिंदर: शिखर धवन और विराट कोहली दोनों ही ग्रेट टीम के ग्रेट प्लेयर हैं। यह बिलकुल इत्तेफाक है कि शिखर और मेरा सिग्नेचर मूव एक जैसा है। यह खेल का एक हिस्सा है। मुझे सब यही पूछते हैं कि आपका और शिखर का सिग्नेचर मूव सेम है तो मुझे लगता है कि मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मुझे उनसे कंपेयर किया जाता है। मेरे लिए यह बड़ी पॉजिटिव और मोटिवेशन देने वाली बात है। एशिया कप के लिए जब 2015 में हम बांग्लादेश आए थे, तो हमारी टीम और इंडियन टीम एक ही होटल में रुके थे। तब इंडिया के सभी खिलाड़ियों से मिलकर बड़ा अच्छा लगा था।
सवाल: ओमान में अपने करियर को आप कितना देख रहे हैं?
जतिंदर: मैंने 2003 से यहां खेलना शुरू किया, लेकिन पिछले 3-4 सालों में यहां क्रिकेट को लेकर बड़ा बदलाव आया है। हमने 2016 में भी T20 वर्ल्ड कप खेला था, जो भारत में हुआ था। उस समय से लेकर अब तक हमारी टीम में और यहां खेल के तरीकों में काफी तेज बदलाव हुआ है। पहले हमारी टीम में सिर्फ बॉलिंग डिपार्टमेंट अच्छा था, लेकिन अब हमारी टीम में ज्यादातर खिलाड़ी ऑलराउंडर्स हैं।

सवाल: ओमान में क्रिकेट कितना लोकप्रिय है और कितना बढ़ा है? क्योंकि ज्यादातर खिलाड़ी भारतीय मूल या पाकिस्तानी मूल के हैं।
जतिंदर: क्रिकेट चाहने वाले ही ओमान में क्रिकेट को लेकर आए हैं। पिछले एक-दो साल से हम जो ट्रेंड देख रहे हैं, हमें लोगों से बहुत अच्छा फीडबैक मिल रहा है। क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ रही है, छोटे-छोटे बच्चे क्रिकेट एकेडमी जॉइन करने के लिए लाइन लगा रहे हैं। लोकल स्कूल में भी अब कोच जाकर बच्चों को ट्रेन कर रहे हैं। ग्रासरूट लेवल पर जाकर बच्चों को क्रिकेट सिखाया जा रहा है। ओमान का नेशनल स्पोर्ट फुटबॉल है। ऐसे में क्रिकेट के लिए ऐसा रिस्पॉन्स मिलना बहुत अच्छी बात है।

सवाल: इस टी20 वर्ल्ड कप से आपकी क्या उम्मीदें हैं?
जतिंदर: मुझे उम्मीद है कि हम क्वालीफाई कर पाएंगे। हमारी टीम काफी अच्छा खेल रही है, सभी मिलकर जीन-जान लगा रहे हैं। हम लोग पॉजिटिव हैं कि सुपर 12 में क्वालीफाई कर जाएंगे।
सवाल: आपको अफसोस होता है कि इंडियन टीम में नहीं खेल पाए?
जतिंदर: जब मैं क्रिकेट में आया तो मुझे इसकी एबीसी भी नहीं पता थी। जो भी शुरुआत हुई और जो सीखा सब ओमान में ही सीखा। तो ऐसा कोई अफसोस नहीं है। मुझे पूरी संतुष्टि है कि मैं ओमान की टीम में खेल रहा हूं। कोई गम नहीं है। बल्कि ऊपर वाले का शुक्रिया है कि उसने औकात से ज्यादा ही दिया है।
सवाल: भारत में आपके रिश्तेदार हैं? आप आखिरी बार भारत अब आए थे?
जतिंदर: लुधियाना में हमारा घर है। हमारा पूरा परिवार वहां आता ही रहता है। अभी मार्च से लेकर जून तक हम सभी वहीं थे। मेरे चाचा, ताया सभी लुधियाना में ही रहते हैं। हम तीन भाई और एक बहन हैं। बहन की शादी भी पंजाब में हुई है, तो उनसे मिलने भी आते रहते हैं। मेरी पत्नी भी पंजाब के नवां शहर की हैं जिसका नाम बदलकर अब शहीद भगत सिंह नगर हो गया है।

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