ओमिक्रॉन इफेक्ट: केंद्र ने दिए सख्ती के निर्देश, राज्यों से टेस्ट बढ़ाने को कहा, 8 पॉइंट्स में जानिए क्या हैं गाइडलाइंस

0
24
Quiz banner



  • Hindi News
  • National
  • Mumbai Delhi [Coronavirus India Cases] Update | Mumbai Delhi Bhopal Indore Kerala Rajasthan Haryana COVID Cases Today

2 घंटे पहले

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर दुनिया भर में बने चिंता के माहौल का असर देश में भी देखने को मिल रहा है। रविवार को केंद्र सरकार ने राज्यों को ओमिक्रॉन वैरिएंट के इफेक्ट के खिलाफ अभी से तैयारी शुरू कर देने का निर्देश दिया है। इसके लिए पर्याप्त सख्ती बरतने को कहा गया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे ओमिक्रॉन को लेकर सख्ती से क्वारैंटाइन और आइसोलेशन लागू करें। साथ ही सभी को तत्काल RT-PCR टेस्टिंग बढ़ाने और एक्टिव सर्विलांस शुरू कराने का आदेश दिया गया है।

आइए 8 पॉइंट्स में समझते हैं कि राज्यों को दी गई गाइडलाइंस में क्या है…

1. वैरिएंट ऑफ कंसर्न है ओमिक्रॉन, उसी लिहाज से रखें सतर्कता
केंद्र ने कहा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट ऑफ कंसर्न है। इसलिए इसका तत्काल पकड़ में आना जरूरी है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग करें और हॉटस्पॉट्स पर निगरानी बढ़ाएं।

2. ‘एट रिस्क कंट्रीज’ की लिस्ट में शामिल ओमिक्रॉन प्रभावित देश
जिन देशों में कोरोना का यह नया वैरिएंट अब तक पाया जा चुका है, उन्हें ‘एट रिस्क कंट्रीज’ लिस्ट में शामिल किया गया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि इन देशों से आने वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जाए और बचाव के एक्स्ट्रा उपाय लागू किए जाएं। इन उपायों में क्वारैंटाइन करना, RT-PCR टेस्ट करना और उनके संपर्क में आने वालों की निगरानी करना शामिल है। राज्यों को कोशिश करनी चाहिए कि पॉजिटिविटी रेट 5% से नीचे रहे।

3. राज्य अपने स्तर पर जुटाएं यात्रा डेटा
केंद्र ने कहा है कि इंटरनेशनल फ्लाइ‌ट्स के जरिए आने वाले यात्रियों की पिछली हवाई यात्राओं के बारे में जानकारी हासिल करने का मैकेनिज्म पहले से हर राज्य में मौजूद है। इसका रिव्यू राज्यों को अपने स्तर पर ही करना चाहिए ताकि एट-रिस्ट कंट्रीज से आने वाले यात्रियों के लिए तत्काल उपाय शुरू किए जा सकें।

3. कोविड-एप्रोप्रिएट बिहेवियर को सख्ती से लागू कराएं
केंद्र ने फिर से कहा है कि बचाव ही असली सुरक्षा है। इसलिए राज्य-केंद्र शासित प्रदेश कोविड-एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन सख्ती से कराएं। साथ ही कंटेनमेंट बढ़ाएं, सर्विलांस एक्टिव रखें, वैक्सीनेशन कवरेज का दायरा और स्पीड बढ़ाएं ताकि इस वैरिएंट ऑफ कंसर्न से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।

4. टेस्टिंग के लिए पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर रखें तैयार
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि सभी राज्य अपने यहां पर्याप्त टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को ऑपरेशनल रखें ताकि इस म्यूटेटिड वायरस के कारण संक्रमितों की संख्या में आई अचानक किसी उछाल से निपटा जा सके। मंत्रालय ने राज्यों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि कई राज्यों में ओवरऑल टेस्टिंग के अनुपात में RT-PCR टेस्ट्स का आंकड़ा गिरता दिखाई दिया है। पर्याप्त परीक्षण के अभाव में संक्रमण फैलने के सही स्तर को निर्धारित करना बेहद मुश्किल है।

5. हॉटस्पाट्स की मॉनिटरिंग लगातार कराई जाए
राज्यों को अपने यहां कोरोना हॉटस्पॉट के तौर पर लिस्टेड एरिया और ऐसे एरिया जहां हालिया दिनों में पॉजिटिव मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है, दोनों जगह लगातार सतर्क मॉनिटरिंग जारी रखने को कहा गया है। साथ ही हॉटस्पॉट्स पर सेचुरेशन टेस्टिंग कराने और सभी पॉजिटिव सैंपल हर हाल में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने का भी आदेश दिया गया है।

6. पॉजिटिविटी रेट 5% से नीचे रखने का बनाएं टारगेट
राज्य अपने यहां पॉजिटिविटी रेट को किसी भी तरह 5% से नीचे बनाए रखने का टारगेट तय करें। इसके लिए टेस्ट्स की संख्या बढ़ाने और उसमें भी RT-PCR टेस्ट्स का आंकड़ा बढ़ाने पर फोकस करें ताकि किसी भी पॉजिटिव मरीज की जल्द से जल्द पहचान की जा सके।

7. हेल्थ फैसिलिटीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें
राज्य अपने यहां सभी एरिया में हेल्थ फैसिलिटीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखें और यह सुनिश्चित करें कि इलाज उपलब्ध कराने में देरी न हो। साथ ही सभी राज्य केंद्र सरकार की तरफ से दी जा रही वित्तीय सहायता का समझदारी के साथ उपयोग करें।

8. INSACOG के जरिए वायरस के बदलाव पर रखें नजर
केंद्र ने कहा है कि देश में कोरोना के विभिन्न वैरिएंट्स में हो रहे म्यूटेशंस को मॉनिटर करने के लिए INSACOG (इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम का गठन किया गया है, जो एक मल्टी-लैबोरेटरी है और इसका कोरोना वायरस जीनोमिक वैरिएशंस को मॉनिटर करने के लिए पैन-इंडिया नेटवर्क मौजूद है। केंद्र ने सभी राज्यों को INSACOG के जरिए वायरस को मॉनिटर करने में मदद देने के लिए अपने यहां आम जनता की सैंपलिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ाने का आग्रह किया है।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here