ओमिक्रॉन को लेकर नई गाइडलाइंस: इंटरनेशनल पैसेंजर्स को बतानी होगी ट्रैवल हिस्ट्री, देनी होगी निगेटिव रिपोर्ट, 1 दिसंबर से लागू होंगे नए नियम

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9 मिनट पहले

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नए कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सावधानी बरत रही केंद्र सरकार ने रविवार शाम को इंटरनेशनल पैसेंजर्स के लिए रिवाइज गाइडलाइंस जारी कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जो एक दिसंबर से लागू होगी।

इसके मुताबिक, अब इंटरनेशनल पैसेंजर को सफर शुरू करने से पहले अपनी ट्रैवल हिस्ट्री और निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट केंद्र सरकार के एयर सुविधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे पहले दिन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इमरजेंसी मीटिंग के दौरान मौजूदा गाइडलाइंस को नए सिरे से पेश करने की बात कही थी।

देखा जाएगा कि ‘एट रिस्क’ लिस्ट में शामिल देशों में तो नहीं गए थे
नई गाइडलाइंस में किसी भी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन से भारत आने वाले यात्रियों से उनकी पिछले 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री का रिकॉर्ड मांगा जाएगा यानी वे इस दौरान किस-किस देश में गए। यह कवायद इसलिए की जा रही है ताकि यह देखा जा सके कि इस दौरान वे केंद्र सरकार की तरफ से ‘एट रिस्क’ लिस्ट में शामिल देशों में तो नहीं गए। इसके अलावा उन्हें निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट भी दिखानी होगी।

लिस्ट से बाहर के देशों से आने वालों की होगी रेंडम टेस्टिंग
गाइडलाइंस के मुताबिक, ‘कंट्री एट रिस्क’ लिस्ट से बाहर के देशों से आ रहे पैसेंजर्स को भारत में उतरने पर एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत होगी। ऐसे पैसेंजर 14 दिन तक अपनी हेल्थ को सेल्फ मॉनिटर करेंगे। इन पैसेंजर में से एक सब-सेक्शन (कुल पैसेंजर का 5% हिस्सा) का एयरपोर्ट पर उतरने के बाद कोविड टेस्ट किया जाएगा। यह टेस्ट रेंडम तरीके से यात्रियों को चुनकर किया जाएगा।

‘एट रिस्क’ देशों से आने वालों का होगा कोविड टेस्ट
गाइडलाइंस के मुताबिक, ‘एट रिस्क’ लिस्ट वाले देशों से आने वाले पैसेंजर्स का एयरपोर्ट पर उतरने के बाद अनिवार्य तरीके से कोविड टेस्ट किया जाएगा। इन यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही टेस्ट रिजल्ट आने तक इंतजार करना होगा। यदि टेस्ट निगेटिव आता है तो उन्हें 7 दिन के होम क्वारैंटाइन पर रहने की इजाजत दी जाएगी। इसके बाद उनका 8वें दिन दोबारा टेस्ट होगा और यदि वह भी निगेटिव आता है तो अगले 7 दिन उन्हें अपनी हेल्थ को सेल्फ-मॉनिटर करने की इजाजत मिलेगी।

इस तरह से होगी व्यवस्था

  • सफर शुरू करने से पहले एयर सुविधा पोर्टल पर 14 दिन की ट्रैवल हिस्ट्री का सेल्फ डिक्लयरेशन फॉर्म भरना होगा
  • साथ ही पोर्टल पर अपनी 72 घंटे के अंदर की निगेटिव RT-PCR रिपोर्ट भी करनी होगी अपलोड
  • भारत में एयरपोर्ट पर पैसेंजर्स को दो कैटेगरी में बांटा जाएगा। पहली कैटेगरी ‘एट रिस्क’ लिस्ट से आने वालों की और दूसरी अन्य देशों के पैसेंजर्स की होगी
  • ‘एट रिस्क’ लिस्ट वाले देशों से आने वाले पैसेंजर्स का एयरपोर्ट पर ही कोविड टेस्ट किया जाएगा
  • टेस्ट निगेटिव आने पर मिलेगी घर पर 7 दिन तक क्वारैंटाइन होने की इजाजत, उनका 8वें दिन दोबारा टेस्ट होगा
  • पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट वालों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे और उन्हें आइसोलेशन सेंटर में एडमिट कराया जाएगा
  • अन्य देशों से आने वाले पैसेंजर्स में से 5% का एयरपोर्ट पहुंचने के बाद रेंडम RT-PCR टेस्ट किया जाएगा
  • टेस्ट निगेटिव आने पर उन्हें घर पर खुद ही अगले 14 दिन तक अपनी हेल्थ पर नजर रखनी होगी
  • टेस्ट पॉजिटिव मिलने पर उनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे और SOP के लिहाज से उनका इलाज होगा

‘एट रिस्क’ लिस्ट में शामिल किए गए हैं ये देश
केंद्र सरकार ने ‘एट रिस्क’ लिस्ट में जिन देशों को शामिल किया है, उनमें ब्रिटेन समेत सभी यूरोपीय देश, इजराइल, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाब्वे, सिंगापुर और हांगकांग शामिल हैं।

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