कवायद: 100 करोड़ से सुधरेगी शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की हवाई पट्टी, 18 महीनों से ठप हैं उड़ानें

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जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट शिमला।


अनिमेष कौशल, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 14 Oct 2021 11:17 AM IST

सार

जुब्बड़हट्टी रनवे 26 मीटर बढ़ाकर 60 मीटर करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फरवरी 2022 से दोबारा यहां हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। नई तकनीक के एटीआर 42 (600) विमान की दिल्ली-शिमला के बीच लोगों को सुविधा मिलेगी।

जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट शिमला।
– फोटो : अमर उजाला

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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को 100 करोड़ रुपये से सुधारा जाएगा। रनवे 26 मीटर बढ़ाकर 60 मीटर करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फरवरी 2022 से दोबारा यहां हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। नई तकनीक के एटीआर 42 (600) विमान की दिल्ली-शिमला के बीच लोगों को सुविधा मिलेगी। इस विमान में पहले के मुकाबले अधिक सवारियों को लाया और ले जाया जा सकेगा। हिल्स क्वीन शिमला देश का ऐसा पहला राज्य मुख्यालय बन गया है, जहां 18 महीनों से हवाई उड़ानें नहीं हो रही हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर 22 मार्च 2020 के बाद से दिल्ली से आने वाले फ्लाइट नहीं उतरी है।

बीते वर्ष एटीआर 42 की लीज समाप्त होने के बाद से इसे रिन्यू नहीं किया गया। मार्च 2020 तक एटीआर 42 (500) विमान की सुविधा मिल रही थी। कोरोना संकट के चलते केंद्र सरकार ने हवाई सेवाओं पर रोक लगाई थी। इसी बीच एयर इंडिया की एलाइंस एयर के एटीआर 42 हवाई जहाज की लीज समाप्त हो गई। कोरोना संकट लंबा चलने के कारण वर्ष 2021 में भी लीज को रिन्यू नहीं किया गया। एयरपोर्ट निदेशक अनिल सैनी ने बताया कि हवाई पट्टी को 60 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है। इसमें 26 मीटर की बढ़ोतरी की जा रही है। केंद्रीय मंत्रालय ने इस कार्य सहित एयरपोर्ट के अन्य कार्यों के लिए 100 करोड़ का बजट मंजूर किया है।

टेक ऑफ रन कम होने से सिर्फ 10 सवारियां जाती थीं दिल्ली
जुब्बड़हट्टी में टेक ऑफ रन कम होने से विमान में सिर्फ 10 सवारियां ही दिल्ली जाती थीं। हवाई पट्टी छोटी होने से विमान कंपनी को नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसके चलते ही कंपनी ने बीते वर्ष लीज समाप्त होने के बाद शिमला से एटीआर 42 विमान चलाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। मार्च 2020 से पहले जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर 42 सीटर विमान में दिल्ली से आने वाली फ्लाइट में 30 से 35 सवारियां आती थीं। यहां टेक ऑफ रनवे केवल 34 मीटर है। शिमला से वापसी के लिए टेक ऑफ रन कम होने से फ्लाइट में सिर्फ 10 सवारियों को ही ले जाया जाता था। 

20 अधिकारी और 65 सुरक्षा कर्मी हैं तैनात
यहां एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के 20 अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त हैं। 65 सुरक्षा कर्मी भी तैनात हैं। दिल्ली से हवाई सेवाएं बंद होने के बावजूद स्टाफ सेवाएं दे रहा है।

अभी हेली टैक्सी एकमात्र विकल्प
राजधानी शिमला के लिए हवाई यात्रा का एकमात्र विकल्प अभी हेली टैक्सी है। चंडीगढ़ से सप्ताह में छह दिन (रविवार छोड़कर) शिमला के लिए हेली टैक्सी चल रही है। चंडीगढ़ से आने वाले हेली टैक्सी शिमला होकर धर्मशाला के गगल एयरपोर्ट के लिए मंगलवार, बुधवार, वीरवार और कुल्लू के भुंतर एयरपोर्ट के लिए सोमवार, शुक्रवार और शनिवार जाती है ।

विस्तार

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से सटे जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट की हवाई पट्टी को 100 करोड़ रुपये से सुधारा जाएगा। रनवे 26 मीटर बढ़ाकर 60 मीटर करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। फरवरी 2022 से दोबारा यहां हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। नई तकनीक के एटीआर 42 (600) विमान की दिल्ली-शिमला के बीच लोगों को सुविधा मिलेगी। इस विमान में पहले के मुकाबले अधिक सवारियों को लाया और ले जाया जा सकेगा। हिल्स क्वीन शिमला देश का ऐसा पहला राज्य मुख्यालय बन गया है, जहां 18 महीनों से हवाई उड़ानें नहीं हो रही हैं। जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पर 22 मार्च 2020 के बाद से दिल्ली से आने वाले फ्लाइट नहीं उतरी है।

बीते वर्ष एटीआर 42 की लीज समाप्त होने के बाद से इसे रिन्यू नहीं किया गया। मार्च 2020 तक एटीआर 42 (500) विमान की सुविधा मिल रही थी। कोरोना संकट के चलते केंद्र सरकार ने हवाई सेवाओं पर रोक लगाई थी। इसी बीच एयर इंडिया की एलाइंस एयर के एटीआर 42 हवाई जहाज की लीज समाप्त हो गई। कोरोना संकट लंबा चलने के कारण वर्ष 2021 में भी लीज को रिन्यू नहीं किया गया। एयरपोर्ट निदेशक अनिल सैनी ने बताया कि हवाई पट्टी को 60 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है। इसमें 26 मीटर की बढ़ोतरी की जा रही है। केंद्रीय मंत्रालय ने इस कार्य सहित एयरपोर्ट के अन्य कार्यों के लिए 100 करोड़ का बजट मंजूर किया है।

टेक ऑफ रन कम होने से सिर्फ 10 सवारियां जाती थीं दिल्ली

जुब्बड़हट्टी में टेक ऑफ रन कम होने से विमान में सिर्फ 10 सवारियां ही दिल्ली जाती थीं। हवाई पट्टी छोटी होने से विमान कंपनी को नुकसान उठाना पड़ रहा था। इसके चलते ही कंपनी ने बीते वर्ष लीज समाप्त होने के बाद शिमला से एटीआर 42 विमान चलाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। मार्च 2020 से पहले जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर 42 सीटर विमान में दिल्ली से आने वाली फ्लाइट में 30 से 35 सवारियां आती थीं। यहां टेक ऑफ रनवे केवल 34 मीटर है। शिमला से वापसी के लिए टेक ऑफ रन कम होने से फ्लाइट में सिर्फ 10 सवारियों को ही ले जाया जाता था। 

20 अधिकारी और 65 सुरक्षा कर्मी हैं तैनात

यहां एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया के 20 अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त हैं। 65 सुरक्षा कर्मी भी तैनात हैं। दिल्ली से हवाई सेवाएं बंद होने के बावजूद स्टाफ सेवाएं दे रहा है।

अभी हेली टैक्सी एकमात्र विकल्प

राजधानी शिमला के लिए हवाई यात्रा का एकमात्र विकल्प अभी हेली टैक्सी है। चंडीगढ़ से सप्ताह में छह दिन (रविवार छोड़कर) शिमला के लिए हेली टैक्सी चल रही है। चंडीगढ़ से आने वाले हेली टैक्सी शिमला होकर धर्मशाला के गगल एयरपोर्ट के लिए मंगलवार, बुधवार, वीरवार और कुल्लू के भुंतर एयरपोर्ट के लिए सोमवार, शुक्रवार और शनिवार जाती है ।



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