कारगिल के प्रथम शहीद कैप्टन सौरभ कालिया के नाम पर परिजन ने स्थापित किया केडी अस्पताल

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पालमपुर5 घंटे पहले

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यह संस्थान विशेष रूप से पवित्र स्थल श्री चामुंडा मंदिर के चारों ओर लगभग 12 किलोमीटर के क्षेत्र में मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया है।

  • सर्जन बनना चाहते थे सौरभ कालिया, शहीद हुए तो माता-पिता ने बना दिया अस्पताल

मल्टी स्पेशीलिटी कैप्टन सौरभ कालिया मेमोरियल केडी अस्पताल को शुक्रवार को डॉ.एनके कालिया ने शहीद कैप्टन सौरभ कालिया की स्मृति में जनसेवा के लिए समर्पित किया। यह संस्थान विशेष रूप से पवित्र स्थल श्री चामुंडा मंदिर के चारों ओर लगभग 12 किलोमीटर के क्षेत्र में मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया है। पिछले एक दशक से राज्य में आने वाले विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों के बावजूद यह सेवाएं अभी भी आम आदमी के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं थीं। इसके अलावा आयुष्मान तथा हिम केयर जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रारंभ में सामान्य ओपीडी, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी तथा यूरोलॉजी ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, 18 इनडोर बेड की सुविधा से लैस इस अस्पताल में जल्द ही अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास भी किया जाएगा।

डॉक्‍टर विवेक ने बताया कि यहां संपूर्ण देखभाल प्रदान करने और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए एक पूर्ण आयुर्वेदिक ओर पंचकर्म विभाग की भी स्थापना की गई है। अस्पताल निर्माण को लेकर के खास बात यह है कि यहां पर विशेष रूप से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाए जाने का प्रावधान भी है। शहीद सौरभ कालिया सर्जन बनना चाहते थे लेकिन विधि भाग्य को कुछ और ही मंजूर था, वे सेना में अधिकारी बन गए। सर्जन बनने की चाहत के बीच मां-बाप ने सौरभ को सेना को सौंप दिया। बेटे की तमन्ना पूरी करते हुए परिजनों ने इस अस्पताल का निर्माण किया है, जहां पर हर अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने की भी तैयारी की गई है।

विवेकानंद अस्पताल के साथ शीघ्र आरंभ होगा सौरभ कालिया नर्सिंग कालेज
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार को शहीद के परिवार ने बहुत पहले विवेकानंद ट्रस्ट के लिए 15 लाख रुपए दिए थे और ट्रस्ट ने सौरभ कालिया के नाम पर नर्सिंग कॉलेज खोलने का संकल्प किया था। लेकिन यह काम अधूरा रहा है, क्योंकि विवेकानंद अस्पताल का काम अब जयप्रकाश सेवा संस्थान की ओर से किया जा रहा है। इस संबंध में जयप्रकाश सेवा संस्थान से बात की है और ट्रस्ट की ओर से निर्णय लिया गया है कि शहीद परिवार की ओर से दिए गए 15 लाख ब्याज सहित 50 लाख के रूप में नर्सिंग कॉलेज के लिए ट्रस्ट देगा। सेवा संस्थान की सहमति से अब विवेकानंद अस्पताल के साथ सौरभ कालिया नर्सिंग कालेज शीघ्र आरंभ किया जाएगा। विवेकानंद अस्पताल की ओर से नर्सिंग कालेज खोलने की अनुमति के लिए सरकार को प्रार्थना पत्र दे दिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पाक के नापाक हरकतों की दी थी जानकारी
23 साल के सौरभ कालिया भारतीय सेना की 4 जाट रेजीमेंट में कैप्‍टन थे। उन्होंने ही सबसे पहले कारगिल में पाकिस्तानी सेना के नापाक इरादों की भारतीय सेना को जानकारी दी थी। कैप्टन सौरभ कालिया 5 मई 1999 की रात अपने पांच साथियों के साथ लद्दाख के बजरंग पोस्ट पर पेट्रोलिंग कर रहे थे। तभी उन्हें पाकिस्तानी घुसपैठियों की सूचना मिली। कैप्टन सौरभ उनसे लोहा लेने के लिए निकल पड़े। घुसपैठिए पहले से ही घात लगाये बैठे थे। उन्होंने कैप्टन सौरभ और उनके पांच साथियों को पकड़ लिया गया। फिर बंधक बनाकर 22 दिनों तक टॉर्चर किया। तीन हफ्ते बाद उनके शव क्षत-विक्षत हालत में भारतीय सेना को मिले। उनकी पहचान करना तक मुश्किल था। पाकिस्तानी घुसपैठियों की इस हरकत के खिलाफ देश के लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला था।


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