चुनाव आयोग: नोटिस पर तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री कार्यालय से नहीं मिला जवाब


अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 21 Oct 2021 12:50 PM IST

सार

कुल्लू और मंडी में सीएम के ओएसडी के चुनाव प्रचार करने को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी।

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हिमाचल प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग के आदेशों और निर्देशों को लेकर सरकारी तंत्र गंभीर नहीं है। इसका ताजा उदाहरण मुख्यमंत्री के ओएसडी के खिलाफ मिली एक शिकायत के जवाब को लेकर देखने को मिला। कुल्लू और मंडी में सीएम के ओएसडी के चुनाव प्रचार करने को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी।

शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मंडी के डीसी और मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब तलब किया। कहा गया कि चौबीस घंटे के भीतर जवाब दिया जाए। डीसी मंडी के कार्यालय से तो जवाब मिल गया, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय से तीन दिन बाद भी जवाब नहीं मिला। यह तब है, जब प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर चुनाव चल रहे हैं। 

परोक्ष रूप से सरकार का एपिसेंटर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय बन जाता है, लेकिन हाल यह है कि अभी तक जवाब नहीं मिला है। इस वजह से मामला पेंडिंग है। जाहिर है मुख्यमंत्री कार्यालय से मामला जुड़ा होने की वजह से जवाब में देरी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। हालांकि, सीईओ कार्यालय ने रिमाइंडर भेजकर फिर से जवाब जल्द देने के लिए कह दिया है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग के आदेशों और निर्देशों को लेकर सरकारी तंत्र गंभीर नहीं है। इसका ताजा उदाहरण मुख्यमंत्री के ओएसडी के खिलाफ मिली एक शिकायत के जवाब को लेकर देखने को मिला। कुल्लू और मंडी में सीएम के ओएसडी के चुनाव प्रचार करने को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में शिकायत की थी।

शिकायत पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने मंडी के डीसी और मुख्यमंत्री कार्यालय से जवाब तलब किया। कहा गया कि चौबीस घंटे के भीतर जवाब दिया जाए। डीसी मंडी के कार्यालय से तो जवाब मिल गया, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय से तीन दिन बाद भी जवाब नहीं मिला। यह तब है, जब प्रदेश की तीन विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर चुनाव चल रहे हैं। 

परोक्ष रूप से सरकार का एपिसेंटर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय बन जाता है, लेकिन हाल यह है कि अभी तक जवाब नहीं मिला है। इस वजह से मामला पेंडिंग है। जाहिर है मुख्यमंत्री कार्यालय से मामला जुड़ा होने की वजह से जवाब में देरी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। हालांकि, सीईओ कार्यालय ने रिमाइंडर भेजकर फिर से जवाब जल्द देने के लिए कह दिया है।



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