जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के निदेशकों के चुनाव में भाजपा के समर्थितों ने किया क्लीन स्वीप

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सोलन4 घंटे पहले

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  • कंडाघाट जोन में भाजपा की दो गुटों की लड़ाई में निवर्तमान अध्यक्ष विजय जीते
  • सोलन जोन से पूर्व अध्यक्ष मोहन मेहता को मिली हार

जोगिन्द्रा सहकारी बैंक निदेशक पदों के लिए मंगलवार को हुए चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों ने क्लीन स्वीप किया है। यहां तक की सोलन जोन से लगातार जीत दर्ज करते आ रहे पूर्व अध्यक्ष मोहन मेहता को भी इस बार हार का सामना करना पड़ा है। जबकि कंडाघाट जोन में भाजपा के दो गुटों की लड़ाई में निवर्तमान विजय ठाकुर को जीत मिली। इस जोन में भाजपा के एक गुट का विजय ठाकुर तो दूसरे का देवेंद्र वर्मा को समर्थन था।

जानकारी के अनुसार सोलन जोन में बुधराम ठाकुर उर्फ विनोद कुमार विजयी रहे। उन्हें 30 वोट मिले, मोहन मैहता को 25 और रघुविंद्र मैहता को 4 वोट पड़े। कंडाघाट जोन में विजय ठाकुर को 28 और देवेंद्र वर्मा को 18 वोट पड़े। अर्की निवार्चन क्षेत्र के कुनिहार जोन में भी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। यहां किरण कौंडल विजयी रहीं। उन्हें 19वोट मिले।

जबकि जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के निवर्तमान उपाध्यक्ष व पूर्व मंडल अध्यक्ष कृष्ण चंद शर्मा को 13 वोट मिले। सीमा महंत को 2, हीरा सिंह को 2 और पवन कुमार पहले चुनाव से हट गए थे, उन्हें कोई वोट नहीं मिला। नालागढ़ जोन में नालागढ़ जोन से योगेश ने जीत हासिल की है। योगेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के खास माने जाते हैं। उन्होंने यहां विधायक लखिवंद्र राणा के बहनोई बुद्धि सिंह राणा को हराया। योगेश को 30 तो राणा को 23 वोट मिले।

कसौली निर्वाचन क्षेत्र के धर्मपुर जोन से बैंक के पूर्व अध्यक्ष व भाजपा के वरिष्ठ नेता लाज किशोर शर्मा जीते। उनको 22 तो उनके प्रतिद्वंद्वी भूपेंद्र सिंह को 16 वोट मिले। सिंगल शेयर होल्डर की एकमात्र सीट के लिए पूर्व अध्यक्ष संजीव कौशल को जीत मिली। उन्हें 48 तो प्रतिद्वंद्वी भगत सिंह को 8 वोट हासिल हुए। जोगिन्द्रा सहकारी बैंक के निदेशक मंडल में कुल 12 निदेशक होते हैं। इनमें 6 निर्वाचित और शेष मनोनीत किए जाते हैं।

दो गुटों की लड़ाई…

कंडाघाट जोन से भाजपा मंडल ने विजय ठाकुर को प्रत्याशी घोषित किया था। उनके खिलाफ चुनाव में उतरे देवेंद्र वर्मा भी भाजपा से संबंधित हैं। वर्मा को विधानसभा चुनाव में दूसरे गुट का समर्थन मिला। इस पर भाजपा के दो गुट आमने-सामने आ गए थे। सोलन में भाजपा के अंदर दो गुट एक-दूसरे को हराने में लगे हुए हैं, जो आने वाले दिनों में पार्टी के अच्छे संकेत नहीं है।

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