टॉपर बेटे को मां ने क्रिकेट के लिए किया मोटिवेट: KKR के डेब्यूटेंट वेंकटेश की मां को डर था कि सारा दिन पढ़ने से बेटा बीमार न पड़ जाए; रणजी के लिए बेंगलुरू में जॉब नहीं की


24 मिनट पहले

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IPL में सोमवार को खेले गए मैच में KKR ने RCB को 9 विकेट से हराया। KKR की जीत में मध्य प्रदेश के रहने वाले वेंकटेश ने महत्वपूर्ण रोल निभाया। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में 27 गेंदों पर 41 रन की नाबाद पारी खेली।

वेंकटेश शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और अपने क्लास के टॉपर रहे हैं। मां के मोटिवेट करने पर ही उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया। वेंकटेश ने BCom करने के बाद CA के एंट्रेंस एग्जाम को भी क्लिपर कर लिया था, पर उन्होंने क्रिकेट और CA में से क्रिकेट को चुना। अय्यर को 2018 में बड़े अकॉउंटिंग संगठन डेलॉयट ने बेंगलुरु में नौकरी का ऑफर किया था, लेकिन रणजी खेलने के लिए उन्होंने इसे ठुकरा दिया। बाद में उन्हें इसी साल MP से रणजी टीम के लिए चयन किया।

ज्यादा पढ़ने से बीमार न पड़ें इसलिए मां ने पढ़ाई के साथ क्रिकेट खेलने के लिए भेजा
अय्यर क्रिकेट में मां की वजह से आए। घर में वह दिन रात-पढ़ाई करते थे। मां को डर था कि ज्यादा देर पढ़ने से कहीं स्वास्थ्य पर गलत असर न पड़ जाए, इसलिए उन्होंने खेलने के लिए भेजा, ताकि वह फिट रहें। अय्यर क्रिकेट की वेबसाइट क्रिक इंफो को दिए इंटरव्यू में कहा- मैंने क्रिकेट मेरी मां के कहने पर खेलना शुरू किया। शायद उन्हें यह चिंता थी कि सारा दिन घर में पढ़ाई करने से मेरे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा।

क्रिकेट के लिए CA की पढ़ाई छोड़ी
अय्यर बीकॉम के छात्र थे और साथ ही CA की भी तैयारी में जुटे थे। CA की एंट्रेंस परीक्षा को उन्होंने पास भी कर ली, पर क्रिकेट को जारी रखने के लिए CA को छोड़ दिया। हालांकि उस समय तक उन्होंने MP के लिए टी20 और वनडे दोनों फ़ॉर्मेट खेल लिए थे और राज्य के अंडर 23 टीम के कप्तान भी थे।
अय्यर कहते हैं कि मैंने CA और क्रिकेट में से क्रिकेट को चुना और CA को छोड़कर फाइनैंस में MBA करना ठीक समझा। मैंने कई परीक्षाएं दीं और मेरा सौभाग्य था कि मैं ऐसे कॉलेज में गया जहां पढ़ाई भी अच्छी थी और मैं साथ ही क्रिकेट को भी जारी रख पाया। मुझे दरअसल क्रिकेट और पढ़ाई दोनों को साथ करने में कोई कठिनाई नहीं हुई। मैं एक होनहार छात्र था और यह मैं अहंकार के साथ नहीं कह रहा। अगर क्रिकेट नहीं होता तो शायद में IIT या IIM में चला जाता।”​​​​​​​

2015 से घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं
अय्यर घरेलू क्रिकेट 2015 से खेल रहे हैं, लेकिन 2020-21 में उनके जलवे अलग ही थे। टी20 के सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में वह 75.66 की औसत और 149.34 के स्ट्राइक रेट से 227 बनाकर अपने टीम के टॉप स्कोरर रहे। विजय हजारे ट्रॉफी में 402 की स्कोर में उन्होंने पंजाब के विरुद्ध 146 गेंदों पर 198 रन ठोके। वहीं 2018 से उन्होंने रणजी में हैदराबाद के खिलाफ डेब्यू किया।

पैट कमिंस और सुनील नारायण के नहीं खेलने पर मिला मौका
अय्यर को IPLफेज टू में KKR के सीनियर खिलाड़ियों पैट कमिंस और सुनील नारायण के नहीं खेलने पर उन्हें प्लेइंग में मौका मिला।

रजनीकांत के हैं फैन
अय्यर को किताबें पढ़ना और कुकिंग देखने का शौक है। वह रजनीकांत के बहुत बड़े फ़ैन हैं। उनका कहना है, “मैं ‘थला’ का भक्त हूं। उनकी फ़िल्में तो मैं कई बार लगातार देख सकता हूं।”

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