तकनीक: खराबी को खुद पकड़ लेगी नई ईवीएम, छेड़छाड़ की तो काम करना कर देगी बंद


दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:36 PM IST

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हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए इस बार नई एम-थ्री ईवीएम की व्यवस्था होगी। नई मशीनों की खासियत यह है कि इनमें अब 32 की बजाय 384 उम्मीदवारों के नाम जोड़ने की व्यवस्था होगी। ‘एम थ्री’ नई तकनीक की ये मशीनें पहली बार हिमाचल के चुनाव में इस्तेमाल होंगी। मशीन खराबी को भी खुद पकड़ लेगी। अगर किसी ने इन मशीनों से छेड़छाड़ की तो यह काम करना बंद कर देगी। सॉफ्टवेयर में फाल्ट आने पर कंट्रोल यूनिट डिस्पले स्क्रीन में प्रदर्शित कर सकती है। इससे मशीन को जल्द दुरुस्त करने में मदद मिलेगी और चुनाव में पारदर्शिता बनी रहेगी।

इससे पहले एम-टू मशीनों में यह सुविधा नहीं थी, इसलिए इन्हें कई बार ठीक करने में काफी परेशानी होती थी। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से एसेंबल की जा चुकीं मशीनें विभिन्न केंद्रों में रख दी गई हैं। जुब्बल-कोटखाई के लिए आईं मशीनें शिमला के हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में रखी गई हैं। पिछली बार के चुनाव में एम-टू ईवीएम मशीनों से चुनाव हुए थे। इस बार नई एम-थ्री ईवीएम मशीनें लाई गई हैं।

एम-थ्री मशीन से पहली बार हिमाचल में मतदान होगा। एम-टू की अपेक्षा एम-थ्री मशीन में ज्यादा कंट्रोल होगा। नई तकनीक से विकसित एम-थ्री मशीन बेहतर साबित होगी। – आदित्य नेगी, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला 

जोड़े जा सकते हैं 24 बैलेट यूनिट
नई तकनीक से विकसित एम-थ्री इलेक्ट्रॉनिक मशीन में 24 बैलेट यूनिट जोड़े जा सकते हैं। एक बैलेट यूनिट में 16 उम्मीदवार होते हैं। यानी किसी विधानसभा चुनाव क्षेत्र में 384 उम्मीदवार खड़े होते हैं तो भी इनका चुनाव ईवीएम के जरिये आसानी से हो पाएगा।

पहले यह थी व्यवस्था
इससे पहले एम-टू ईवीएम में केवल एक बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं। यानी 32 उम्मीदवार होने तक चुनाव ईवीएम मशीन से हो सकता था। इससे अधिक उम्मीदवारों के होने की सूरत में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की व्यवस्था थी।

हिमाचल प्रदेश में एक लोकसभा और तीन विधानसभा हलकों में होने जा रहे उपचुनाव के लिए इस बार नई एम-थ्री ईवीएम की व्यवस्था होगी। नई मशीनों की खासियत यह है कि इनमें अब 32 की बजाय 384 उम्मीदवारों के नाम जोड़ने की व्यवस्था होगी। ‘एम थ्री’ नई तकनीक की ये मशीनें पहली बार हिमाचल के चुनाव में इस्तेमाल होंगी। मशीन खराबी को भी खुद पकड़ लेगी। अगर किसी ने इन मशीनों से छेड़छाड़ की तो यह काम करना बंद कर देगी। सॉफ्टवेयर में फाल्ट आने पर कंट्रोल यूनिट डिस्पले स्क्रीन में प्रदर्शित कर सकती है। इससे मशीन को जल्द दुरुस्त करने में मदद मिलेगी और चुनाव में पारदर्शिता बनी रहेगी।

इससे पहले एम-टू मशीनों में यह सुविधा नहीं थी, इसलिए इन्हें कई बार ठीक करने में काफी परेशानी होती थी। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से एसेंबल की जा चुकीं मशीनें विभिन्न केंद्रों में रख दी गई हैं। जुब्बल-कोटखाई के लिए आईं मशीनें शिमला के हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में रखी गई हैं। पिछली बार के चुनाव में एम-टू ईवीएम मशीनों से चुनाव हुए थे। इस बार नई एम-थ्री ईवीएम मशीनें लाई गई हैं।

एम-थ्री मशीन से पहली बार हिमाचल में मतदान होगा। एम-टू की अपेक्षा एम-थ्री मशीन में ज्यादा कंट्रोल होगा। नई तकनीक से विकसित एम-थ्री मशीन बेहतर साबित होगी। – आदित्य नेगी, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त शिमला 

जोड़े जा सकते हैं 24 बैलेट यूनिट

नई तकनीक से विकसित एम-थ्री इलेक्ट्रॉनिक मशीन में 24 बैलेट यूनिट जोड़े जा सकते हैं। एक बैलेट यूनिट में 16 उम्मीदवार होते हैं। यानी किसी विधानसभा चुनाव क्षेत्र में 384 उम्मीदवार खड़े होते हैं तो भी इनका चुनाव ईवीएम के जरिये आसानी से हो पाएगा।

पहले यह थी व्यवस्था

इससे पहले एम-टू ईवीएम में केवल एक बैलेट यूनिट जोड़ी जा सकती हैं। यानी 32 उम्मीदवार होने तक चुनाव ईवीएम मशीन से हो सकता था। इससे अधिक उम्मीदवारों के होने की सूरत में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की व्यवस्था थी।



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