पठानिया बोले- एफआरए के 150 केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित, सीएम ने कहा- पांगी में खुलेगा फायर स्टेशन

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शिमला3 घंटे पहले

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  • विधायक विक्रम जरयाल ने पूछा एफआरए परमिशन और ग्रीन फालिंग कब से बंद है

एफआरए के 150 मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जबकि 120 मामलों में कोर्ट ने एफआरए की क्लीयरेंस दी है। यह बात वन मंत्री राकेश पठानिया ने विधायक विक्रम जरयाल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही। प्रश्नकाल के दौरान विक्रम जरयाल ने सरकार से जानना चाहा कि प्रदेश में एफआरए परमिशन और ग्रीन फालिंग कब से बंद है और सरकार कब से एफआरए की परमीशन देने पर विचार करती है।

मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद राज्य सरकार ने 23 मार्च 1994 में हरे पेड के कटान पर प्रतिबंद लगाया गया था। उन्होंने बताया कि यह प्रतिबंध पूर्व में सेब पैकिंग की पेटियों के निर्माण के लिए पेड़ों के भारी कटान के मद्देनजर लगाया गया।

वन मंत्री ने बताया कि एफआरए क्लीयरेंस पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अब तक आठ बार सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र दायर किए जा चुके हैं। इसमें अंतिम शपथ पत्र जून 2020 को दायर किया गया है। ऐसे में मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं विधायक आशा कुमारी ने जानना चाहा कि क्या सरकार जनहित से जुड़े कार्यों के लिए सुप्रीम कोर्ट से एफआरए परमिशन के लिए विशेष छूट दिए जाने का आग्रह करेगी। इस पर वन मंत्री ने कहा कि वह इस वक्त इस मामले में कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। वह सुप्रीमकोर्ट में प्रमुखता से अपना पक्ष रख रहे हैं। भाजपा सदस्य सुरेंद्र शौरी के सैंज आईटीआई को लेकर पूछे गए सवाल पर तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि सैंज का आईटीआई सात साल तक शमशी में चलाए फिर इसे सैंज में शिफ्ट किया गया। उन्होंने कहा कि सैंज में भवन निर्माण का काम चला है और वहां पर भवन तैयार होने पर ट्रेड बढ़ाए जाएंगे। सुरेंद्र शौरी ने सैंज की आईटीई में मोटर मैकेनिक और वैल्डर के ट्रेड शुरू करने की मांग भी रखी थी।

सीएम बोले पांगी में खुलेगा फायर स्टेशन… विधानसभा में दूरदराज और दुर्गम इलाकों में फायर स्टेशन खोलने का मामला गूंजा। विधायक जिया लाल के मूल और विक्रम सिंह जरियाल और मोहन लाल ब्राक्टा के अनुपूरक सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरदराज और दुर्गम स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर फायर स्टेशन खोलें। जिया लाल ने कहा कि उनके हलके के पांगी में सभी मकान लकड़ी के हैं और वे कच्चे हैं और वहां पर बहुत अग्निकांड हुई हैंं। कब तक वहां अग्निशमन कार्यालय खुलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की मांग है कि पांगी में अग्निशमन केंद्र खोला जाए। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने सवाल किया कि चिड़गांव ब्लाक में अग्निकांड की घटना पर रोहड़ू से फायर टेंडर आते हैं, लेकिन वहां दूरदराज के इलाकों में तब तक भारी नुकसान हो जाता है। उन्होंने चिड़गांव में फायर स्टेशन खोलने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पर फायर स्टेशन के मामले को भी एग्जामिन किया जाएगा और फिर आगामी कार्रवाई की जाएगी। भाजपा सदस्य विक्रम सिंह जरियाल ने मांग की कि हर विधानसभा हलके में एक अग्निशमन कार्यालय खोला जाए।

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