बिल्टअप एरिया में 25% अतिरिक्त निर्माण कर सकेेंगे पंजीकृत हाेटल, नई टूरिज्म पॉलिसी-2019 में होटल कारोबारियों को राहत

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शिमला17 घंटे पहले

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पर्यटन विभाग ने काेराेना काल में हाेटल काराेबारियाें काे पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए बड़ी राहत दी है। विभाग से पंजीकृत सभी हाेटल इकाइयों को काराेबार बढ़ाने के लिए अपने बिल्टअप एरिया में 25 % तक अतिरिक्त निर्माण कर सकते है। इस संबंध में पर्यटन विभाग ने नई पर्यटन नीति-2019 काे लागू करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है।

इससे राज्य में उन 4568 होटल कारोबारियों को राहत मिली है जो 21 सितंबर 2020 काे जारी गाइडलाइन तक पंजीकृत हो चुके हैं। यह नई पाॅलिसी सरकार ने 10 साल तक के लिए लागू की है। प्रदेश में पर्यटन काे प्रमाेट करने के लिए इस गाइडलाइन में ईकाे टूरिज्म, कृषि, धार्मिक, सांस्कृतिक, साहसिक, ऐतिहासिक धराेहराें काे पर्यटन के साथ जाेड़ा जाएगा।

पर्यटन उद्याेग काे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस पाॅलिसी में जाे इनसेंटिव देने का एलान किया है उसे लागू करवाने के लिए विभाग ने दाे कमेटियाें का गठन किया है पहली कमेटी जिला स्तर पर उप निदेशक पर्यटन की अध्यक्षता में गठित की गई है और दूसरी राज्य स्तरीय कमेटी निदेशक पर्यटन विभाग की अध्यक्षता में गठित की गई है।

जिला स्तरीय कमेटी संबंधित क्षेत्र में खाेलने जाने वाले नए हाेटलाें काे दी जाने वाली इन्सेंटिव की रिपाेर्ट तैयार करेंगे और उसे आगे राज्य स्तरीय कमेटी के पास मंजूरी के लिए भेजेंगे। राज्य स्तरीय कमेटी जिला स्तरीय कमेटी के प्रस्तावाें काे मंजूर करेंगे, ताकि निवेशकाें काे जल्दी इनसेंटिव का लाभ मिल सके। पर्यटन विभाग के निदेशक युनूस ने कहा नई पर्यटन पाॅलिसी-2019 की गाइडलाइन जारी करने की पुष्टि की है।

इनसेंटिव के लिए यूनिट को ए, बी, सी श्रेणी में बांटा

इनसेंटिव का लाभ देने के लिए पर्यटन विभाग ने हिमाचल काे ए,बी और सी श्रेणी में बांटा है। ए श्रेणी में दूर के क्षेत्राें काे शामिल किया है। जहां पर सुविधाओं का अभाव है। बी श्रेणी में मध्यवर्ती क्षेत्राें काे शामिल किया है। यहां पर ए के मुकाबले कम इनसेंटिव दिया जाएगा। सी श्रेणी में प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्राें काे शामिल किया गया है। यहां पर इनसेंटिव दाे श्रेणियाें के मुकाबले बहुत कम हाेगा। ऐसा इसलिए क्याेंकि यहां पर पहले से ही निवेशकाें काे मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हाेगी।


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