रेललाइन(सांकेतिक)

भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन: अधिगृहीत जमीन के 52 लाख प्रति बीघा मिलेंगे दाम

Posted on


सरोज पाठक, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 22 Jan 2022 11:55 AM IST

सार

 भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के लिए बध्यात तक 52 किलोमीटर का कार्य पूरा होना है। अभी तक 20 से 52 किलोमीटर तक 27 फीसदी निजी भूमि का ही अधिग्रहण हुआ था। अब इस 250 बीघा को मिलाकर यह 60 फीसदी के करीब हो जाएगा।

ख़बर सुनें

भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के निर्माण के लिए जिले के टाली, दगड़ाहन और भटेड़ गांव की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने मोलभाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मंजूरी के लिए फाइल सरकार को भेजी है। इन गांवों की 250 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। सोलेसियम (मुआवजे) समेत इन गांव के भूमि मालिकों को 52 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन का दाम दिया जाना है। अब बध्यात तक करीब 20 गांवों की जमीन का अधिग्रहण एसआईए स्टडी के अनुसार होगा। उन्हें 34 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन के दाम मिलेंगे। सोलेसियम के तहत ग्रामीणों के पास अब कोर्ट जाने का अधिकार नहीं रहेगा। 

 भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के लिए बध्यात तक 52 किलोमीटर का कार्य पूरा होना है। अभी तक 20 से 52 किलोमीटर तक 27 फीसदी निजी भूमि का ही अधिग्रहण हुआ था। अब इस 250 बीघा को मिलाकर यह 60 फीसदी के करीब हो जाएगा। इस रेललाइन के लिए उप माहौल बिलासपुर में 60 लाख प्रति बीघा, बलोह में 59 लाख दाम मिल चुका है। तीसरे नंबर पर 52 लाख प्रति बीघा के हिसाब से भूमि मालिकों को दाम मिलेगा।

भानुपल्ली से बैरी तक 63 किलोमीटर इस लंबी रेललाइन के निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए न केवल रेल विकास निगम बल्कि जिला प्रशासन भी जोर शोर से कार्य कर रहा है। डीसी पंकज राय हर माह रेलवे और भू अर्जन अधिकारी के साथ इस रेललाइन की समीक्षा बैठक करते हैं। इसके निर्माण कार्य में आ रही आपत्तियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हैं। बध्यात से बैरी तक करीब 35 गांवों के लोगों से रेललाइन के लिए जमीन के मोलभाव पर प्रशासन की बात नहीं बन रही थी। इसके बाद बध्यात तक 26 गांवों की सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट (एसआईए) सरकार को जा चुकी है। 

बध्यात से आगे के नौ गांवों की सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट तैयार करने के लिए एजेंसी जल्द ही कार्य शुरू करेगी। लेकिन इसी बीच अब बध्यात से पीछे के तीन और गांवों के लोग आपसी मोलभाव कर जमीन अधिग्रहण के लिए मान गए हैं। एसडीएम बिलासपुर ने टाली, दगड़ाहन और भटेड़ गांव की 250 बीघा भूमि की फाइल तैयार कर उपायुक्त को सौंपी है और उपायुक्त ने इसे सरकार को अप्रूवल के लिए भेज दी। इसमें जिन लोगों की जमीन एसआईए स्टडी के तहत अधिग्रहीत होगी उन्हें 34 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन के दाम मिलेंगे। 

डीसी को भेज दी है जमीन की फाइल : एसडीएम
एसडीएम बिलासपुर सुभाष गौतम ने कहा कि उन्होंने तीनों गांवों के जमीन के मोलभाव की फाइल उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय के माध्यम से सरकार को भेजी है। इसमें सोलेसियम समेत इन गांवों की जमीन का दाम तय किया है। कहा कि सरकार के मंजूरी के बाद इसकी आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

विस्तार

भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के निर्माण के लिए जिले के टाली, दगड़ाहन और भटेड़ गांव की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने मोलभाव की प्रक्रिया पूरी कर ली है। मंजूरी के लिए फाइल सरकार को भेजी है। इन गांवों की 250 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। सोलेसियम (मुआवजे) समेत इन गांव के भूमि मालिकों को 52 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन का दाम दिया जाना है। अब बध्यात तक करीब 20 गांवों की जमीन का अधिग्रहण एसआईए स्टडी के अनुसार होगा। उन्हें 34 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन के दाम मिलेंगे। सोलेसियम के तहत ग्रामीणों के पास अब कोर्ट जाने का अधिकार नहीं रहेगा। 

 भानुपल्ली-बिलासपुर रेललाइन के लिए बध्यात तक 52 किलोमीटर का कार्य पूरा होना है। अभी तक 20 से 52 किलोमीटर तक 27 फीसदी निजी भूमि का ही अधिग्रहण हुआ था। अब इस 250 बीघा को मिलाकर यह 60 फीसदी के करीब हो जाएगा। इस रेललाइन के लिए उप माहौल बिलासपुर में 60 लाख प्रति बीघा, बलोह में 59 लाख दाम मिल चुका है। तीसरे नंबर पर 52 लाख प्रति बीघा के हिसाब से भूमि मालिकों को दाम मिलेगा।

भानुपल्ली से बैरी तक 63 किलोमीटर इस लंबी रेललाइन के निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए न केवल रेल विकास निगम बल्कि जिला प्रशासन भी जोर शोर से कार्य कर रहा है। डीसी पंकज राय हर माह रेलवे और भू अर्जन अधिकारी के साथ इस रेललाइन की समीक्षा बैठक करते हैं। इसके निर्माण कार्य में आ रही आपत्तियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हैं। बध्यात से बैरी तक करीब 35 गांवों के लोगों से रेललाइन के लिए जमीन के मोलभाव पर प्रशासन की बात नहीं बन रही थी। इसके बाद बध्यात तक 26 गांवों की सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट (एसआईए) सरकार को जा चुकी है। 

बध्यात से आगे के नौ गांवों की सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट तैयार करने के लिए एजेंसी जल्द ही कार्य शुरू करेगी। लेकिन इसी बीच अब बध्यात से पीछे के तीन और गांवों के लोग आपसी मोलभाव कर जमीन अधिग्रहण के लिए मान गए हैं। एसडीएम बिलासपुर ने टाली, दगड़ाहन और भटेड़ गांव की 250 बीघा भूमि की फाइल तैयार कर उपायुक्त को सौंपी है और उपायुक्त ने इसे सरकार को अप्रूवल के लिए भेज दी। इसमें जिन लोगों की जमीन एसआईए स्टडी के तहत अधिग्रहीत होगी उन्हें 34 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन के दाम मिलेंगे। 

डीसी को भेज दी है जमीन की फाइल : एसडीएम

एसडीएम बिलासपुर सुभाष गौतम ने कहा कि उन्होंने तीनों गांवों के जमीन के मोलभाव की फाइल उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय के माध्यम से सरकार को भेजी है। इसमें सोलेसियम समेत इन गांवों की जमीन का दाम तय किया है। कहा कि सरकार के मंजूरी के बाद इसकी आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *