मुख्यमंत्री जयराम के निर्देश पर फेक न्यूज पर पुलिस की सख्ती


अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 03 May 2021 12:54 PM IST

ख़बर सुनें

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फेक न्यूज पर सख्त बयान के साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भी सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी व साइबर क्राइम पुलिस को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज पर नजर रखने और उसे फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिये आम लोगों से अपील की है कि वे फेक न्यूज फैलाने में भागीदार न बनें।

अगर कोई व्यक्ति फेक न्यूज फैलाता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पिछले कुछ समय में लगातार फेसबुक व ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाई जा रही थी कि 3 मई से लॉकडाउन लगने वाला है। मुख्यमंत्री ने इस तरह की अफवाह को गलत बताया था। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था।

विकिपीडिया पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की जानकारी के साथ भी छेड़छाड़ कर गलत जानकारी को वायरल किया गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने इसकी जांच की और सरकार ने भी उस वायरल सूचना को गलत बताया। चूंकि, कोविड काल में सोशल मीडिया पर लोग खासे एक्टिव हैं। ऐसे में फेक न्यूज ज्यादा वायरल हो रही हैं। यही वजह है कि अब सरकार और पुलिस दोनों ने ही आम लोगों से फर्जी सूचनाओं को आगे बढ़ाने से बचने के लिए कहना शुरू किया है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फेक न्यूज पर सख्त बयान के साथ ही हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भी सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी व साइबर क्राइम पुलिस को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज पर नजर रखने और उसे फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही प्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिये आम लोगों से अपील की है कि वे फेक न्यूज फैलाने में भागीदार न बनें।

अगर कोई व्यक्ति फेक न्यूज फैलाता पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पिछले कुछ समय में लगातार फेसबुक व ट्विटर जैसे सोशल मीडिया पर फेक न्यूज फैलाई जा रही थी कि 3 मई से लॉकडाउन लगने वाला है। मुख्यमंत्री ने इस तरह की अफवाह को गलत बताया था। पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा था।

विकिपीडिया पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल की जानकारी के साथ भी छेड़छाड़ कर गलत जानकारी को वायरल किया गया। हालांकि, बाद में पुलिस ने इसकी जांच की और सरकार ने भी उस वायरल सूचना को गलत बताया। चूंकि, कोविड काल में सोशल मीडिया पर लोग खासे एक्टिव हैं। ऐसे में फेक न्यूज ज्यादा वायरल हो रही हैं। यही वजह है कि अब सरकार और पुलिस दोनों ने ही आम लोगों से फर्जी सूचनाओं को आगे बढ़ाने से बचने के लिए कहना शुरू किया है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *