शिमला की पराला मंडी में 90 कराेड़ की लागत से बनेगा प्राेसेसिंग यूनिट, सीएम 8 काे रखेंगे आधारशिला

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शिमलाएक घंटा पहले

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फाइल फोटो

  • बागवानाें काे अब अपना उत्पाद लेकर नहीं जाना पड़ेगा परवाणू

शिमला की पराला मंडी में प्रदेश का दूसरा बड़ा प्राेसेसिंग यूनिट लगाया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 8 अक्टूबर काे इस प्लांट की आधारशिला रखेंगे। प्लांट के लिए एचपीएमसी ने कंपनी काे काम अवॉर्ड कर दिया है। निगम ने कंपनी काे 18 महीने में इस प्लांट काे तैयार करने की डेडलाइन दी है।

इस प्लांट के लगने से शिमला जिला के अलावा, मंडी और सिरमाैर जिला के बागवानाें काे अपने उत्पाद प्राेसेस करने में मदद मिलेगी। उन्हें उत्पाद काे प्राेसेस करवाने के लिए अब परवाणू नहीं जाना पड़ेगा। इस प्लांट के लगने से बागवानाें और सरकार का ट्रांसपाेर्टेशन का खर्चा बचेगा। राज्य सरकार मंडी मध्यस्थ याेजना के तहत जाे उत्पाद बागवानाें से खरीदी है उसे परवाणू प्लांट में प्राेसेस किया जाता है।

उत्पाद काे परवाणु तक ट्रांसपाेर्ट का खर्चा सरकार काे ही वहन करना पड़ता है जाे अब पराला मंडी में प्लांट के लग जाने से कम हाेगा। इस प्लांट के बन जाने से यहां पर 20 हजार मीट्रिक टन सेब का जूस तैयार किया जाएगा। परवाणू प्लांट में 18 हजार मीट्रिक टन जूस तैयार किया जाता है। इसके अलावा इस प्लांट में एक लाख लीटर वाइन, 50 हजार लीटर वेनेगर और पैकटिन तैयार किया जाएगा। निगम ने 100 दिन काे आधार बना कर उत्पाद तैयार करने का लक्ष्य तय किया है।

वेस्ट मैटीरियल से कागज किया जाएगा तैयार
सेब काे प्राेसेस करने के बाद यहां पर जाे उसका वेस्ट निकलेगा निगम उससे भी प्राेसेस करके फाइबर फोम तैयार करेगा। इसे आगे कागज बनाने वाली कंपनियाें काे बेचा जाएगा। निगम अपने स्तर पर भी इस फाॅम से कागज तैयार करने की याेजना बना रहा है। एचपीएमसी की प्रबंध निदेशक देवश्वेता बानिक ने बताया कि पराला मंडी में 90 कराेड़ रुपए की लागत से प्रदेश का दूसरा प्राेसेसिंग यूनिट लगाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।


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