सख्त नियमों के बीच नीट संपन्न, जालंधर में पिता ने परीक्षा केंद्र के बाहर उतारीं बेटी की बालियां, दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल पास माणा दर्रा देहरादून में बनकर तैयार

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20 मिनट पहले

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रविवार को हुई राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में करीब 90% उम्मीदवार शामिल हुए। यानी कुल 15.97 लाख उम्मीदवारों में से करीब 14.37 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। पंजाब में कुल 31 सेंटरों पर परीक्षा हुई जिसमें करीब 14,433 परीक्षार्थी बैठे। बठिंडा में सबसे ज्यादा 4400, जालंधर में 2680, पटियाला में 2500, लुधियाना में 2168, जबकि अमृतसर में 2685 छात्रों ने परीक्षा दी। पिछले साल 92.9% उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। फोटो जालंधर के एक परीक्षा केंद्र के बाहर की है। सख्त नियमों को चलते पिता को परीक्षा केंद्र के बाहर ही बेटी की बालियां उतारनी पड़ीं।

प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ीं​

रविवार को हुई राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) में करीब 90% उम्मीदवार शामिल हुए। हालांकि देशभर के 3843 केंद्रों में से कई केंद्रों में कोरोना के प्रोटोकॉल की धज्जियां भी उड़ीं। ट्राईसिटी में 32 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में सेंटर बनाए गए थे। फोटो कोलकाता के एक परीक्षा केंद्र के बाहर की है जहां परीक्षा से पहले अभ्यर्थी बेटी को मां आशीर्वाद दे रही है।

दुनिया का सबसे ऊंचा मोटरेबल पास माणा दर्रा बनकर तैयार

तस्वीर अब दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड माणा पास की है। 18,192 फीट की ऊंचाई पर माणा दर्रा उत्तराखंड के चमोली गढ़वाल जिले में चीन सीमा पर है। इस दर्रे से मानसरोवर और कैलाश की घाटी जाने का भी मुख्य मार्ग है। इस निर्माण से चीन सीमा में भारत की स्थिति मजबूत हुई है। दुनिया में ये एकमात्र ऐसा सड़क है जिसे ऊपर से नीचे की तरफ बनाया गया है। पहले हेलीकॉप्टर से भारी रॉक कटिंग मशीनें और अन्य संसाधन को ऊपर दर्रे में पहुंचाया गया और वहां से सड़क निर्माण करते हुए नीचे 64 किमी दूर माणा गांव तक पहुंचाया गया।

संत सरोवर से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा

गुजरात में इस साल अच्छी बारिश हुई। इस कारण ज्यादातर डैम भर गए हैं। हाल ही में पानी ज्यादा होने पर गांधीनगर के संत सरोवर से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे अहमदाबाद में साबरमती और नर्मदा नदी का संगम हो गया। साबरमती नदी अहमदाबाद के मध्य से गुजरती है। इसमें नर्मदा योजना की नहर से पूरे साल पानी बहता है।

नागदा में 33.66 इंच बारिश दर्ज

चंबल के अपस्ट्रीम में बारिश होने से नागदा के चामुंडा माता मंदिर के ओटले पर शनिवार को आया पानी रविवार तक नहीं उतरा है। इससे पहले 22 अगस्त को चंबल उफान पर आने से मंदिर के शिखर तक पानी पहुंच गया था। शहर में अब तक 33.66 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। औसत बारिश का पैमाना 36 इंच है। अब भी 2.34 इंच बारिश कम है।

कारम नदी में अचानक पानी बढ़ा, पुलिया पर खड़ी तीन कारें बहीं

पर्यटन स्थल जोगीभड़क में रविवार को बड़ा हादसा टल गया। कारम नदी में अचानक पानी बढ़ने से पुलिया पर खड़ी पर्यटकों की तीन कारें बह गईं। एक कार खाई में जा गिरी, जबकि दो को ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर बाहर निकाल लिया। शुक्र है कि हादसे के वक्त कारों में कोई नहीं था। ये कारें इंदौर से आए पर्यटकों की बताई जा रही है। पर्यटक कार को पुलिया पर खड़ी कर घूमने चले गए थे।

अपने स्तर पर शुरू की नर्सरी

पानीपत से करीब 10 किलोमीटर दूर निजामपुर रोड पर स्थित है गांव कारौली। इस गांव ने वालीबॉल खेल के दम पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ी है। पिछले एक महीने से गांव में इस खेल को पुनर्जीवित करने के लिए ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही फिर से खेल नर्सरी शुरू की है, जिसमें 125 होनहार इस समय वालीबॉल सहित योग व अन्य खेलों का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

ट्री-मैन की टीम ने लगाया 9वां ऑक्सीजन बाग

रविवार को सोनीपत जिले के बली कुतुबपुर गांव में ट्री-मैन देवेन्द्र सूरा ने अपनी टीम के साथ मिलकर दादा उदे आला गौ चरान की पांच एकड़ भूमि पर जिले का 8वां और प्रदेश का 9वां ऑक्सीजन बाग तैयार किया। इसमें 500 के लगभग पौधे रोपे गए। उपायुक्त उपायुक्त श्यामलाल पुनिया ने बड़ व पीपल का पौधा लगाकर बाग का शुभारंभ किया।

कनेरी डैम पहुंचे सैकड़ों सैलानी

मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के कनेरी में 100 हेक्टेयर में डैम बनकर तैयार है। संक्रमण के बीच रविवार को डैम पर बड़ी संख्या में शहरवासी मौज मस्ती करने पहुंचे। दिनभर में 3 हजार से ज्यादा लोग डैम पर पहुंचे। इसमें छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे परिवार भी शामिल थे। लोग यह भूल गए कि शहर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है और अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां सुरक्षा के भी इंतजाम नजर नहीं आए।

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