हमीरपुर: सोशल मीडिया पर अश्लीलता मामले में राष्ट्रपति कार्यालय से कार्रवाई के आदेश

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सोशल मीडिया पर पर बढ़ रही अश्लीलता का मामला(सांकेतिक)


संवाद न्यूज एजेंसी, ताल (हमीरपुर)
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 13 Jan 2022 10:58 AM IST

सार

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के शिक्षक विजय हीर ने सोशल मीडिया पर पर बढ़ रही अश्लीलता मामले में राष्ट्रपति कार्यालय को याचिका पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए याचिका सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार पीके अब्दुल करीम को कार्रवाई के लिए भेजी है। 

सोशल मीडिया पर पर बढ़ रही अश्लीलता का मामला(सांकेतिक)

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सोशल मीडिया पर पर बढ़ रही अश्लीलता के मामले में राष्ट्रपति कार्यालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के शिक्षक विजय हीर ने इस मामले में राष्ट्रपति कार्यालय को याचिका पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए याचिका सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार पीके अब्दुल करीम को कार्रवाई के लिए भेजी है। याचिका में सोशल मीडिया की अश्लील रील्स, वीडियो, पारिवारिक रिश्तों में विकृति परोसने के लिए बनाए जा रहे अनैतिकवीडियो आदि को मशीनी सॉफ्टवेयर से ब्लॉक करने और अपलोड होने तथा प्रसारित होने से रोकने की अपील की है।

शिक्षक हीर ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सूचना प्रसारण मंत्री तथा अन्य अधिकारियों से भी इस बारे में समय रहते कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कहा है कि इस वजह से नाबालिग बच्चे वर्चुअल डेटिंग का शिकार हो रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की आड़ में यह सब आम हो गया है। देश का हर वह चौथा बच्चा जो 10-12 साल का है, उसका एकाउंट फेसबुक पर है। पढ़ने-लिखने और कॅरिअर बनाने की उम्र में ही बच्चे अश्लील सामग्री की ओर आकर्षित हो रहे हैं। परिजनों को भी पता है कि उनका बच्चा बिगड़ रहा है, लेकिन चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

स्थिति बहुत गंभीर होती जा रही है। टेलीकॉम कंपनियों की हालिया रिपोर्ट बताती है कि मोबाइल डाटा का इस्तेमाल लोग सबसे ज्यादा अश्लील वीडियो देखने में खर्च करते हैं। किशोरों के मन पर पड़ता है बुरा असर सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली अश्लीलता से किशोरों के मन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी सेंसरशिप की जानी अपेक्षित है और अश्लीलता परोस रहे व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 292 के तहत दंडित करने की अपील हीर ने अपनी याचिका में की है।

विस्तार

सोशल मीडिया पर पर बढ़ रही अश्लीलता के मामले में राष्ट्रपति कार्यालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के शिक्षक विजय हीर ने इस मामले में राष्ट्रपति कार्यालय को याचिका पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। राष्ट्रपति कार्यालय ने इस पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए याचिका सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार पीके अब्दुल करीम को कार्रवाई के लिए भेजी है। याचिका में सोशल मीडिया की अश्लील रील्स, वीडियो, पारिवारिक रिश्तों में विकृति परोसने के लिए बनाए जा रहे अनैतिकवीडियो आदि को मशीनी सॉफ्टवेयर से ब्लॉक करने और अपलोड होने तथा प्रसारित होने से रोकने की अपील की है।

शिक्षक हीर ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सूचना प्रसारण मंत्री तथा अन्य अधिकारियों से भी इस बारे में समय रहते कार्रवाई करने का आग्रह किया है। कहा है कि इस वजह से नाबालिग बच्चे वर्चुअल डेटिंग का शिकार हो रहे हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की आड़ में यह सब आम हो गया है। देश का हर वह चौथा बच्चा जो 10-12 साल का है, उसका एकाउंट फेसबुक पर है। पढ़ने-लिखने और कॅरिअर बनाने की उम्र में ही बच्चे अश्लील सामग्री की ओर आकर्षित हो रहे हैं। परिजनों को भी पता है कि उनका बच्चा बिगड़ रहा है, लेकिन चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

स्थिति बहुत गंभीर होती जा रही है। टेलीकॉम कंपनियों की हालिया रिपोर्ट बताती है कि मोबाइल डाटा का इस्तेमाल लोग सबसे ज्यादा अश्लील वीडियो देखने में खर्च करते हैं। किशोरों के मन पर पड़ता है बुरा असर सोशल मीडिया पर परोसी जाने वाली अश्लीलता से किशोरों के मन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा के लिए जरूरी सेंसरशिप की जानी अपेक्षित है और अश्लीलता परोस रहे व्यक्तियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 292 के तहत दंडित करने की अपील हीर ने अपनी याचिका में की है।



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