प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय

हिमाचल: प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती के नियम तैयार, अब कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव

Posted on


अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 20 Jan 2022 10:43 AM IST

सार

प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम पूरा हो गया है। बीते दिनों प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना कार्यालय ने बैठक कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है। 

प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

हिमाचल प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के नियम तैयार हो गए हैं। इस बाबत राज्य मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्ताव भेजा जाएगा। हिमाचल प्रदेश के 4000 प्री प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पहले शिक्षकों की भर्ती की जानी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित नर्सरी टीचर ट्रेनिंग और अर्ली चाइल्ड हुड केयर का कोर्स करने वालों को भर्ती में मौका दिया जाएगा। शिक्षकों के 70 फीसदी पद एनटीटी और अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स तथा 30 फीसदी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने का प्रस्ताव है। आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता को लेकर कैबिनेट बैठक में अंतिम फैसला होगा।

प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम पूरा हो गया है। बीते दिनों प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना कार्यालय ने बैठक कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी और अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों में भर्ती की जाएगी। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है।

एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से उन्हें ही इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में दस विद्यार्थियों से अधिक संख्या वाले स्कूलों में शिक्षक भर्ती करने और शिक्षकों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तय करने की सिफारिश भी की गई है।

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के प्री प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के नियम तैयार हो गए हैं। इस बाबत राज्य मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्ताव भेजा जाएगा। हिमाचल प्रदेश के 4000 प्री प्राइमरी सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से पहले शिक्षकों की भर्ती की जानी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित नर्सरी टीचर ट्रेनिंग और अर्ली चाइल्ड हुड केयर का कोर्स करने वालों को भर्ती में मौका दिया जाएगा। शिक्षकों के 70 फीसदी पद एनटीटी और अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स तथा 30 फीसदी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने का प्रस्ताव है। आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता को लेकर कैबिनेट बैठक में अंतिम फैसला होगा।

प्रदेश के चार हजार सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती को आरएंडपी नियम बनाने का काम पूरा हो गया है। बीते दिनों प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना कार्यालय ने बैठक कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में चलाई जा रही नर्सरी और केजी की कक्षाओं के लिए भर्ती किए जाने वाले शिक्षकों में एनटीटी और अर्ली चाइल्ड हुड केयर कोर्स कोटे के 70 फीसदी पदों में से 35 फीसदी पद बैचवाइज और 35 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। एनसीटीई के नियमों में भर्ती की जाएगी। मंत्रिमंडल शिक्षक भर्ती के कोटे में बदलाव भी कर सकता है।

एनटीटी कर चुकी महिलाएं बीते लंबे समय से उन्हें ही इन स्कूलों में नियुक्ति देने की मांग कर रही हैं। उधर, आंगनबाड़ी वर्कर भी नियुक्ति की मांग को लेकर संघर्षरत हैं। दोनों ही संगठनों की ओर से विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदर्शन भी किए थे। ऐसे में विभागीय अधिकारियों ने नर्सरी टीचर ट्रेनिंग करने वालों के साथ आंगनबाड़ी वर्करों को भी भर्ती में शामिल करने का फैसला लिया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में दस विद्यार्थियों से अधिक संख्या वाले स्कूलों में शिक्षक भर्ती करने और शिक्षकों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तय करने की सिफारिश भी की गई है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *